वृंदावन में 'ट्रैफिक जाम' पर फूटा ब्रजवासियों का गुस्सा: 'ब्रिटिश हुकूमत' जैसा व्यवहार कर रहा प्रशासन!

  • Saturday April 04 2026 - 11:31 AM
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वृंदावन। वृंदावन की चरमराती यातायात व्यवस्था और प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ ब्रज-वृन्दावन धरोहर संरक्षण विचार मंच ने बिगुल फूंक दिया है। शनिवार को श्रीकिशोर वन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने शहर के बदतर हालात पर तीखी नाराजगी व्यक्त की।

प्रमुख मुद्दे: क्यों सुलग रहा है ब्रजवासियों का गुस्सा?

बैठक में वक्ताओं ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए वृंदावन की प्रमुख समस्याओं को रेखांकित किया:

  • ई-रिक्शा का आतंक: शहर की संकरी गलियों में अनियंत्रित और अपंजीकृत ई-रिक्शा बेलगाम दौड़ रहे हैं। न इनकी संख्या तय है और न ही किराए की कोई रेट लिस्ट।
  • मानकों की अनदेखी: विद्यापीठ चौराहे पर मानकों के विपरीत बनाई गई रेलिंग और जूताघर को सड़क पर अतिक्रमण बताया गया, जिससे हरिनिकुंज चौराहे से विद्यापीठ तक का मार्ग पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
  • प्रशासनिक नाकामी: वक्ताओं ने कहा कि अधिकारी 'अर्थोपासना' (धन संग्रह) में लगे हैं और आम जनता अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर है।
  • शराब के ठेके: मथुरा-वृंदावन मार्ग पर खुले शराब के ठेकों को लेकर भी गहरा रोष प्रकट किया गया।
  • अब आर-पार की लड़ाई: 'सिविल सोसायटी' और 'हाईकोर्ट' का रुख

बैठक में केवल शिकायतें ही नहीं हुईं, बल्कि ठोस रणनीतियों पर भी चर्चा की गई:

  • पोस्टर अभियान: आचार्य नरेश नारायण और सुधीर शुक्ला ने सुझाव दिया कि त्रस्त ब्रजवासी अपने घरों के बाहर और चौराहों पर जनसमस्याओं से जुड़े पोस्टर/फ्लेक्स लगाएं।
  • सिविल सोसायटी का गठन: शहर की अव्यवस्था से निपटने के लिए एक मजबूत सिविल सोसायटी बनाने का प्रस्ताव रखा गया।
  • न्यायपालिका की शरण: संयोजक महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ला ने कड़े शब्दों में कहा कि प्रशासन ब्रजवासियों पर 'ब्रिटिश सरकार' की तरह जुल्म कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यातायात की इस भयावह स्थिति को इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष ले जाया जाएगा।

किसने क्या कहा?

"धर्मनगरी के हालात भयावह हैं। शासन-प्रशासन की मूकदर्शिता का खामियाजा जनता भुगत रही है।" - जयकिशोर गोस्वामी एवं भागवतकृष्ण नांगिया

"जाम का मुख्य कारण जनसंख्या विस्फोट और अनियंत्रित यातायात है, इसे वन-वे करना ही एकमात्र विकल्प है।" - योगेश योगीराज एवं दीपक पाराशर

उपस्थिति: बैठक की अध्यक्षता ठा. जुगलकिशोर जी महाराज ने की। इस दौरान पुरुषोत्तम शर्मा, अमित कुमार शर्मा, पवन ठाकुर, गोपाल शरण शर्मा, प्रहलादकृष्ण शुक्ला सहित दर्जनों प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।