यूपी में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब उपभोक्ताओं की मर्जी से लगेगा मीटर

  • Wednesday April 08 2026 - 09:12 AM
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अब राज्य में स्मार्ट मीटर लगवाने के दौरान प्रीपेड मोड की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने बिजली अधिनियम 2003 के मूल प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अपने दो दशक पुराने रेगुलेशन में बड़ा संशोधन किया है। इस संबंध में नई अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

क्या बदला है नियम में?

इससे पहले जारी की गई अधिसूचना में केवल प्रीपेमेंट मोड (Pre-payment Mode) वाले स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर दिया गया था, जिससे उपभोक्ताओं के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता था। लेकिन 1 अप्रैल से लागू हुई नई अधिसूचना के अनुसार, अब संचार नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भारतीय मानक के अनुरूप स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन वे केवल प्रीपेड नहीं होंगे। अब उपभोक्ताओं के पास यह विकल्प होगा कि वे अपनी सुविधा के अनुसार पोस्टपेड या प्रीपेड में से किसी एक को चुन सकें।

क्यों हो रहा था विरोध?

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा लंबे समय से इस अनिवार्यता के खिलाफ मोर्चा खोले हुए थे। उनका तर्क था कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना उन पर प्रीपेड व्यवस्था थोपना केंद्रीय कानून का उल्लंघन है। परिषद का कहना है कि बिजली कंपनियों ने प्राधिकरण की पुरानी अधिसूचना की आड़ में उपभोक्ताओं को विकल्पहीन बना दिया था। 

 "जब केंद्रीय कानून उपभोक्ताओं को विकल्प देता है, तो कंपनियां अपनी मनमर्जी नहीं चला सकतीं। अब जब अधिसूचना संशोधित हो गई है, तो पावर कॉरपोरेशन को अपने पुराने आदेश तुरंत रद्द करने चाहिए और वर्तमान उपभोक्ताओं को भी पोस्टपेड पर स्विच करने का मौका देना चाहिए।" 

- अवधेश वर्मा, अध्यक्ष, उ.प्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद

उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

विकल्प की आजादी: अब उपभोक्ता तय कर पाएंगे कि उन्हें पहले इस्तेमाल करके बाद में बिल भरना है (पोस्टपेड) या पहले रिचार्ज करना है (प्रीपेड)।

अचानक बिजली कटने का डर नहीं: प्रीपेड में बैलेंस खत्म होते ही बिजली कटने की समस्या से उन लोगों को राहत मिलेगी जो पोस्टपेड सुविधा को प्राथमिकता देते हैं।

पारदर्शिता: स्मार्ट मीटर से रीडिंग की सटीकता बनी रहेगी, लेकिन भुगतान की पद्धति उपभोक्ता की पसंद की होगी।

माना जा रहा है कि इस नई अधिसूचना के बाद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) जल्द ही अपने उन आदेशों को वापस ले सकता है, जिसमें केवल स्मार्ट प्रीपेड मीटर के माध्यम से नए कनेक्शन देने की बात कही गई थी। विभागीय सूत्रों के अनुसार, सॉफ्टवेयर में बदलाव और नए विकल्पों को लागू करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकती है।