ब्रज विकास को मिलेगी वैश्विक पहचान: हेरिटेज और लैंडस्केपिंग से संवरेगी कान्हा की नगरी
- CSR के तहत उमड़ा संस्थाओं का सैलाब
मथुरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन 'नव्य ब्रज-भव्य ब्रज' को धरातल पर उतारने के लिए उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने जनसहभागिता का एक महा-अभियान शुरू किया है। परिषद के सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं ने ब्रज के कायाकल्प के लिए अपने पिटारे खोल दिए हैं। हेरिटेज संरक्षण और आधुनिक लैंडस्केपिंग के जरिए अब ब्रज के कुंडों, घाटों और परिक्रमा मार्ग की तस्वीर बदलने वाली है।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप और मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र की मौजूदगी में विभिन्न औद्योगिक घरानों और ट्रस्टों ने करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के प्रस्ताव रखे।
ब्रज के विकास में जनसहभागिता का नया अध्याय
परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रज केवल एक भू-भाग नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की जीवंत लीला स्थली है। उन्होंने जोर देकर कहा: "कोई भी सरकारी योजना तब तक पूर्णतः सफल नहीं हो सकती जब तक उसमें जनमानस और संस्थाओं का सहयोग न हो। सेवा भाव से किया गया दान ही ब्रज की प्राचीन गरिमा को वापस लाने में सहायक होगा।"
संस्थाओं के बड़े प्रस्ताव: क्या-क्या बदलेगा ब्रज में?
बैठक में विकास कार्यों का खाका खींचते हुए विभिन्न संस्थाओं ने अपनी प्रतिबद्धता जताई:
1. कुंडों और जल स्रोतों का पुनरुद्धार:
हार्टफुलनेस फाउंडेशन (हैदराबाद): संस्था ने ब्रज के 6 ऐतिहासिक कुंडों के कायाकल्प, जल संरक्षण और घाटों के सौंदर्यीकरण का जिम्मा उठाने का प्रस्ताव दिया है।
रिलायंस फाउंडेशन (मुंबई): रिलायंस ने 2 प्रमुख कुंडों के जीर्णोद्धार के साथ-साथ गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के संरक्षण और वहां हरियाली बढ़ाने में सहयोग की पेशकश की है।
लिविंग पीस प्रोजेक्ट फाउंडेशन: भारत और नीदरलैंड्स की इस संस्था ने 2 कुंडों के पुनर्जीवन का संकल्प लिया है।
2. यात्री सुविधाएं और परिवहन: इन्फिनिटी ग्रुप (अहमदाबाद): श्रद्धालुओं की सुगमता के लिए छटीकरा-जमुनावता मार्ग पर 6 नई बसें दान करने का प्रस्ताव रखा।
प्रांजिवन भगवानदास पोपट ट्रस्ट: गोवर्धन, विश्राम घाट और दाऊजी घाट जैसे प्रमुख स्थलों पर अत्याधुनिक पेयजल डिस्पेंसर और यात्री विश्राम गृह विकसित किए जाएंगे। ई-व्हीकल सुविधा: श्रद्धालुओं को जाम से मुक्ति दिलाने और पर्यावरण अनुकूल यात्रा के लिए इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया।
3. तकनीक और सुरक्षा: M3M फाउंडेशन (गुरुग्राम): तीर्थ स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए CCTV कैमरों का नेटवर्क और रात्रि सुरक्षा के लिए सोलर लाइट लगाने का प्रस्ताव दिया।
स्मार्ट एजुकेशन: कई संस्थाओं ने ब्रज के स्कूलों में स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी बनाने की इच्छा जताई है।
प्रशासनिक सख्ती: 'कागजों पर नहीं, जमीन पर दिखे काम'
मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि जितने भी प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, उन पर संबंधित विभाग (नगर निगम, वन विभाग, सिंचाई विभाग) तुरंत समन्वय स्थापित करें। उन्होंने नगर आयुक्त जग प्रवेश और DFO वी.सी. पटेल को निर्देशित किया कि: कार्यों की प्राथमिकता तय की जाए। NOC और अन्य तकनीकी अड़चनों को तत्काल दूर किया जाए। निर्माण कार्य में ब्रज की पारंपरिक वास्तुकला (Heritage Architecture) का विशेष ध्यान रखा जाए।
ये रहे मौजूद
बैठक का संचालन पर्यावरण विशेषज्ञ मुकेश शर्मा ने किया। इस महत्वपूर्ण चर्चा में हैदराबाद से संजय सहगल, अहमदाबाद से फाल्गुन खंडेलवाल, मुंबई से रविंद्र चमड़िया और गुरुग्राम से सुप्रिया यादव सहित कई कॉर्पोरेट लीडर्स मौजूद रहे। साथ ही परिषद के डिप्टी सीईओ सतीश चंद्र, चीफ इंजीनियर आर.पी. राणा और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता राकेश कुमार ने तकनीकी पहलुओं पर अपनी रिपोर्ट पेश की।



