श्रीकृष्ण जन्मभूमि: 6 दिसंबर को होगी भव्य कार सेवा, लाखों धर्मयोद्धा दिखाएंगे शौर्य -जयभगवान गोयल

  • Friday August 14 2026 - 11:10 PM
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  • धर्म रक्षा संघ की बैठक में निर्णय: शांतिपूर्ण समाधान के लिए दिया 4 महीने का अल्टीमेटम

वृंदावन। श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर मथुरा को लेकर धर्म रक्षा संघ की भागवत मंदिरम में आचार्य बद्रीश की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष जयभगवान गोयल उपस्थित रहे। बैठक के दौरान 6 दिसंबर को मथुरा में होने वाली प्रस्तावित कार सेवा को सफल बनाने और आगे की रणनीति पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

सरकार, न्यायालय और मुस्लिम समाज के पास 4 महीने का समय: सौरभ गौड़

धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार, न्यायालय और मुस्लिम समाज के पास इस मुद्दे के समाधान के लिए 4 महीने का समय है। यदि इस अवधि में कोई शांतिपूर्ण निर्णय नहीं निकलता है, तो 6 दिसंबर को देशभर से आए धर्मयोद्धा कार सेवा करके अपने शौर्य का प्रदर्शन करेंगे।

6 दिसंबर को लाखों कार्यकर्ता लेंगे भाग: जयभगवान गोयल

कार सेवा को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष जयभगवान गोयल ने कहा, "6 दिसंबर को लाखों की संख्या में हमारे कार्यकर्ता इस कार सेवा में भाग लेंगे। हमें गर्व है कि हमने 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ध्वस्त किया था।"

कृष्ण जन्मभूमि के लिए अब और इंतजार नहीं: संत समाज

धर्म रक्षा संघ के कार्यकारी अध्यक्ष महंत मोहिनी बिहारी शरण एवं महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद ने कहा कि राम जन्मभूमि के लिए हिंदू समाज ने 500 वर्षों का लंबा इंतजार किया है, लेकिन श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए अब और इंतजार नहीं किया जाएगा। 6 दिसंबर से अभूतपूर्व तरीके से कार सेवा का शुभारंभ होगा। संघ के राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश एवं स्वामी अतुल कृष्ण दास ने आरोप लगाते हुए कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर अवैध कब्जा किया गया है और 1968 में हुआ समझौता हिंदू समाज के साथ एक बड़ा धोखा था।

बैठक में प्रमुख संतों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति

बैठक के दौरान हनुमान टेकरी महंत दशरथ दास, श्रीदास प्रजापति, घनश्याम, महामंडलेश्वर स्वामी सत्यानंद सरस्वती, महंत देवानंद वन महाराज, ध्रुव शर्मा, आशीष शर्मा, आयुष शुक्ला, परमेश्वर चौबे, तुलसी दास, प्रियांशु व्यास, प्रियांश, अथर्व खद्दर, मुनि मिश्र सहित कई प्रमुख संत एवं समाज सेवी उपस्थित रहे।