ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में अब नहीं फेंकी जाएगी माला और प्रसाद

  • Monday September 14 2026 - 12:50 AM
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  • ठाकुरजी को विधिवत अर्पित होगी माला, जगमोहन या आंगन की ओर फेंकने पर लगी रोक

  • बायोमेट्रिक हाजिरी और चढ़ावे पर सख्त निगरानी होगी लागू

  • कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, भोग व्यवस्था और पेड़ों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर की सेवा, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की व्यवस्थाओं में अब कई बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे। बुधवार को आयोजित हाईपावर्ड कमेटी की उच्चस्तरीय बैठक में मंदिर की मर्यादा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए।

कमेटी की बैठक में तय किया गया कि ठाकुरजी को माला न तो श्रद्धालु जगमोहन की ओर फेंककर अर्पित करेंगे और न ही जगमोहन से सेवायत उसे आंगन की ओर फेंकेंगे। कमेटी के पदाधिकारियों का स्पष्ट मानना है कि ठाकुरजी को माला फेंककर अर्पित करने के बजाय पूरी श्रद्धा और विधिवत तरीके से अर्पित की जानी चाहिए। कई बार फेंकी गई माला नीचे गिरकर चरणों में आती है, जो मंदिर की गरिमा के अनुकूल नहीं है।

पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी और डिजिटल बारकोड

मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैंकों को मंदिर परिसर में विभिन्न स्थानों पर डिजिटल बारकोड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

भोग और चढ़ावा व्यवस्था में सख्त बदलाव

भोग व्यवस्था को लेकर भी कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। नए फैसले के अनुसार, रेलिंग के अंदर मौजूद भोग भंडारी केवल अधिकृत सेवाधिकारी को ही भोग अर्पित करेंगे। चढ़ावे की राशि को किसी भी परिस्थिति में जेब में रखने पर सख्त मनाही रहेगी; यदि कोई श्रद्धालु चढ़ावा देता है, तो उसे सीधे दानपात्र में डाला जाएगा। मंदिर प्रबंधन इस पूरी सेवा प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखेगा।

खराब गुणवत्ता के पेड़ों पर लगेगा अंकुश, फसाड लाइटों से सजेगा मंदिर

बैठक में ठाकुरजी के भोग में प्रयुक्त होने वाले पेड़ों की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि ठाकुरजी के भोग के लिए उच्च गुणवत्ता वाले पेड़े ही उपलब्ध होने चाहिए। उन्होंने बाजार में बिक रहे घटिया गुणवत्ता के पेड़ों पर गहरी चिंता जताते हुए ऐसे विक्रेताओं पर सख्त अंकुश लगाने की बात कही।

इसके अलावा, आगामी राधाष्टमी पर्व से पहले बांकेबिहारी मंदिर को भव्य फसाड लाइटों (Facade Lights) से सजाने की योजना है, जिसके लिए बैंकों के सीएसआर (CSR) फंड का उपयोग किया जाएगा। वहीं, मंदिर की लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर प्रसार भारती द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर कमेटी की अगली बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।