जर्जर काशीराम कॉलोनी के 736 भवनों को नोटिस से खलबली, अवैध कब्जेदारों व किरायेदारों को खाली करने के निर्देश

  • Monday September 14 2026 - 12:22 AM
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  • जर्जर भवनों की तकनीकी जांच करेगी आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम

  • कॉलोनी के भवनों में अब नहीं रह सकेंगे किरायेदार और अवैध कब्जाधारी

वृंदावन। दिल्ली में जर्जर पीजी के अचानक धराशायी हो जाने की दर्दनाक घटना के बाद मथुरा-वृंदावन नगर निगम पूरी तरह अलर्ट मोड़ में आ गया है। किसी भी संभावित अनहोनी को रोकने और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने काशीराम आवासीय कॉलोनी के सभी 736 जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा कर दिए हैं। इस कार्रवाई से कॉलोनी में रह रहे लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। नोटिस के माध्यम से अवैध रूप से रह रहे लोगों और किरायेदारों को तुरंत मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भवनों की वास्तविक स्थिति परखने के लिए नगर निगम द्वारा आईआईटी रुड़की के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम बुलाई जा रही है, जो इसी सप्ताह जांच के लिए पहुंचेगी।

दिल्ली हादसे से सबक लेते हुए नगर निगम ने काशीराम आवासीय योजना के 736 भवनों पर नोटिस चिपकाए हैं। इसमें भवन स्वामियों को मकान खाली करने, गिरासू/खतरनाक हिस्से को स्वयं हटाने और आवश्यक मरम्मत कराने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।

हाल ही में कराए गए सर्वे से बेहद चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे के अनुसार, कॉलोनी के कुल 736 भवनों में से मात्र 371 भवनों में ही मूल और वैध आवंटी निवास कर रहे हैं। वहीं 281 भवन पूरी तरह बंद पड़े हैं, 53 भवनों में लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है, जबकि 85 भवनों में मूल आवंटी की जगह किरायेदार रह रहे हैं। शनिवार को नोटिस जारी होने की खबर फैलते ही कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हो गए और निगम की कार्रवाई का विरोध करने लगे।

पात्र आवंटियों को दी जाएगी अस्थायी व्यवस्था

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के उप सभापति मुकेश सारस्वत एवं पार्षद सुमित गौतम ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि काशीराम आवासीय योजना के कई ब्लॉक अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं, इसलिए निरीक्षण के बाद खाली करने का नोटिस जारी किया गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग वैध आवंटी और पात्र हैं, उन्हें फ्लैटों की मरम्मत एवं सुधार कार्य पूरा होने तक दूसरे खाली पड़े फ्लैटों में रहने की अनुमति दी जाएगी, ताकि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो। हालांकि, जो लोग पात्रता के दायरे में नहीं आते और जिन्होंने अवैध रूप से फ्लैटों पर कब्जा कर रखा है, उनके खिलाफ नगर निगम सख्त रुख अपनाएगा। निर्धारित समयसीमा के भीतर नोटिस का पालन न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


आईआईटी रुड़की की टीम तय करेगी भवनों का भविष्य नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने बताया कि दिल्ली में हुई जर्जर भवन दुर्घटना को देखते हुए काशीराम आवासीय कॉलोनी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। कॉलोनी के ढांचागत ढांचे (Structural Safety) की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की विशेष टीम को आमंत्रित किया गया है।

इसी हफ्ते पहुंचने वाली यह तकनीकी टीम व्यापक सर्वे करेगी और अपनी रिपोर्ट में यह स्पष्ट करेगी कि कौन से भवन मरम्मत के योग्य हैं और किन्हें ध्वस्त करना आवश्यक है। विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट के आधार पर ही नगर निगम आगे की ठोस कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही, जिन भवनों में अवैध कब्जाधारी या किरायेदार रह रहे हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से खाली कराया जाएगा।