पिछले 20 दिन से धरने पर बैठे रोहित मलान को समर्थन देने पेर पहुंचे हिंदूवादी।
वृंदावन को मांस-मदिरा मुक्त कराने की मांग: 20वें दिन धरने पर बैठे रोहित मलान के समर्थन में विश्व हिंदू रक्षा परिषद, प्रदर्शन का ऐलान
वृंदावन। ब्रज की धार्मिक आस्था और मर्यादा की रक्षा के लिए वृंदावन के वराहघाट पर पिछले 20 दिनों से धरने पर बैठे अलीगढ़ निवासी रोहित मलान को अब बड़े धार्मिक संगठनों का साथ मिलने लगा है। वृंदावन को पूर्णतः मांस और मदिरा से मुक्त कराने की मांग को लेकर जारी इस आंदोलन के समर्थन में शनिवार को 'विश्व हिंदू रक्षा परिषद' मैदान में उतर आई। संगठन ने रविवार को वृंदावन में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
'सनातन की आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'
धरने पर बैठे रोहित मलान ने बताया कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपार श्रद्धा के साथ वृंदावन परिक्रमा करते हैं। ऐसे में परिक्रमा मार्ग पर नशा करके अभद्रता करने और मांस-मदिरा की बिक्री से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर वे पहले दंडवती परिक्रमा कर विरोध जता चुके हैं और अब वराहघाट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। उन्होंने संतों से अपील की है कि वे भी अपनी कथाओं के माध्यम से इस मांग को प्रमुखता से उठाएं।
विभिन्न जिलों से वृंदावन पहुंच रहे कार्यकर्ता
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष बादल यादव दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ धरनास्थल पहुंचे और समर्थन का ऐलान किया। वहीं, संगठन की महिला सशक्तिकरण टीम की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंका ठाकुर ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का जत्था रविवार सुबह लखनऊ से वृंदावन पहुंचेगा।
कथावाचक इंद्रेश महाराज का भी मिला समर्थन
इससे पहले प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश महाराज ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर रोहित मलान की मांग का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि वृंदावन के सभी संतों को एक मंच पर आकर सरकार से यह मांग उठानी चाहिए।
पुलिस-प्रशासन अलर्ट
प्रस्तावित प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं के जुटने की खबर के बाद पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मामले पर सीओ सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि प्रस्तावित प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिक्रमा मार्ग पर मांस और मदिरा की बिक्री पर पहले से ही प्रतिबंध लागू है।



