'धर्म और संस्कृति की रक्षा हर सनातनी का कर्तव्य' - साध्वी ऋतंभरा बोलीं
वात्सल्य ग्राम में धर्म रक्षा संघ के सदस्यता अभियान का शुभारंभ
वृंदावन। धर्म, संस्कृति और सनातन मूल्यों के संरक्षण के संकल्प के साथ धर्म रक्षा संघ ने अपने राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया है। बुधवार को वृन्दावन के मथुरा रोड स्थित वात्सल्य ग्राम में युगपुरुष स्वामी परमानंद महाराज के पावन सान्निध्य और साध्वी ऋतंभरा के कर-कमलों द्वारा इस अभियान का आगाज किया गया।
साध्वी ऋतंभरा ने समाज के जागरूक और धर्मप्रेमी लोगों से संगठन से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "सनातन संस्कृति और अपनी समृद्ध विरासत की रक्षा करना केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था का दायित्व नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक सनातनी का नैतिक कर्तव्य है। धर्म रक्षा संघ के इस सदस्यता अभियान के माध्यम से हर व्यक्ति को अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।"
देशभर में एक मंच पर संगठित होंगे धर्मप्रेमी
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ ने अभियान की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि इस ड्राइव का मुख्य उद्देश्य देशभर में धर्म और संस्कृति के प्रति समर्पित लोगों को एक मंच पर लाना है। संगठन अभियान को व्यापक स्तर पर चलाकर समाज के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाएगा। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष महंत मोहिनी बिहारी शरण महाराज ने कहा कि इस अभियान का ध्येय समाज में जागरूकता, सेवा, संस्कार और सनातन संस्कृति के प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना है।
युवा पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना प्राथमिकता
धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीदास प्रजापति ने अभियान को सनातन समाज को एकजुट करने की दिशा में मील का पत्थर बताया। वहीं, राष्ट्रीय संयोजक आचार्य बद्रीश महाराज ने जोर देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी मूल परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
संत समाज की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी राधा प्रसाद देव जू महाराज, आचार्य ज्ञानेश महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी वेदानंद महाराज, साध्वी वर्षा हरि कौशल, महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज, स्वामी अतुल कृष्ण दास महाराज, महंत देवानंद महाराज और स्वामी मुकुन्दानंद महाराज सहित संत समाज के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



