“जो जीवेगौ सो खेलेगौ फाग” की गूंज से विदा हुई होली

  • Monday March 09 2026 - 01:03 AM
  •  

  • 45 दिवसीय होली महोत्सव का समापन, उड़ा अबीर-गुलाल, रंगों में सराबोर हुए श्रद्धालु

बलदेव। नगर के प्रसिद्ध में आयोजित 45 दिवसीय भव्य होली महोत्सव का हर्षोल्लास के साथ समापन हो गया। अंतिम दिन सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरे दिन वातावरण होली के रस में डूबा नजर आया।

सेवायतों द्वारा पारंपरिक समाज गायन में ब्रज के प्राचीन होली पदों का वाद्य यंत्रों के साथ गायन किया गया। “ढप धरि दे यार गई परु की”, “हरि संग झुमरि खेलिये यमुना के तीर” और “जो जीवेगौ सो खेलेगौ फाग” जैसे पदों की मधुर ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। समाज गायन के बीच सेवायतों और श्रद्धालुओं ने अबीर-गुलाल और टेसू के प्राकृतिक रंगों की वर्षा कर उत्सव का आनंद लिया।

मंदिर को विभिन्न प्रकार के फूलों, आम और केले के पत्तों से भव्य रूप से सजाया गया था। बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक लहंगा-फरिया पहनकर उत्सव में शामिल हुईं, जिससे ब्रज की सांस्कृतिक छटा और भी निखर उठी।

महोत्सव के समापन पर श्रद्धालुओं को फऊआ प्रसाद के रूप में लड्डू, पेड़ा और गुजिया वितरित किए गए। सेवायत रामनिवास शर्मा, बंटी पुजारी, रमाकांत शर्मा, सुखदेव पांडेय, बलदेव पांडेय, भगवत पांडेय और वैणीमाधव शास्त्री ने बताया कि “जो जीवेगौ सो खेलेगौ फाग” की मंगलकामना के साथ इस वर्ष की होली को विदाई दी गई। वहीं बैकुंठनाथ पांडेय, ज्ञानेंद्र पांडेय, सोनू पांडेय, गणेश पांडेय, रजत पांडेय और ब्रजवासी पांडेय सहित अन्य ब्रजवासियों ने कहा कि रंगों और उल्लास से भरी होली की यादें अब अगले वर्ष तक संजोकर रखी जाएंगी। इसी कामना के साथ कि “जो जीवैगौ सो खेलेगौ फाग”, होली महोत्सव का समापन संपन्न हुआ।