श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जरी और नगों से जड़ी पीले रंग की पोशाक धारण करेंगे श्रीबांकेबिहारी
31 साल बाद सेवायत परिवार को मिला मंगला आरती का अवसर
वृंदावन। विश्व प्रसिद्ध श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर इस बार सेवायत गोस्वामियों द्वारा ठाकुरजी के लिए विशेष और भव्य प्रबंध किए जा रहे हैं।
कान्हा के जन्मोत्सव पर श्रीबांकेबिहारी महाराज दिल्ली के कारीगरों द्वारा तैयार की गई 12 लाख रुपये की खास जरी और नगों से जड़ी पीले रंग की पोशाक धारण करेंगे। इसके साथ ही इस बार मंदिर में चांदी की नई आरती से ठाकुरजी की मंगला आरती उतारी जाएगी।
12 लाख रुपये की लागत से बनीं 3 खास पोशाकें
मंदिर के सेवायत गौरव कृष्ण गोस्वामी ने बताया कि आगरा के लक्ष्मी हैंडलूम भंडार के माध्यम से दिल्ली में एक दर्जन कारीगरों ने पिछले ढाई महीनों की कड़ी मेहनत से ठाकुरजी के लिए तीन विशेष पोशाकें तैयार की हैं। जरी और जरदोजी के बारीक काम से सजी इन पोशाकों की कुल कीमत लगभग 12 लाख रुपये है।
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पहला श्रृंगार: 4 सितंबर की सुबह ठाकुरजी पहली नवीन पोशाक धारण करेंगे।
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दूसरा श्रृंगार: 4 सितंबर की सायंकालीन सेवा में दूसरी पोशाक पहनाई जाएगी।
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तीसरा श्रृंगार: 5 सितंबर को नंदोत्सव के दिन ठाकुरजी तीसरी खास पोशाक धारण करेंगे।
धातु के कलात्मक कलश से होगा महाभिषेक, मंगाई गईं दुर्लभ औषधियां
सेवायत डॉक्टर फ्रेंकी गोस्वामी ने बताया कि 4 सितंबर की मध्य रात्रि 12:00 बजे बांकेबिहारी महाराज का पंचामृत से महाभिषेक शुरू होगा, जो लगभग 20 मिनट तक चलेगा।
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अभिषेक सामग्री: महाभिषेक के लिए 125 किलो दूध, 100 किलो दही, शुद्ध शहद, कश्मीर का केसर और उत्तराखंड से विशेष जड़ी-बूटियां मंगवाई गई हैं।
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कलात्मक कलश व आरती: अभिषेक के लिए जोधपुर से धातु का विशेष कलात्मक कलश और चांदी की नई आरती बनवाई गई है।
महाभिषेक के बाद कान्हा बाल स्वरूप में पीत वस्त्र और सिर पर मोरपंख धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।
आगरा से 56 भोग और जोधपुर-उदयपुर से चांदी के खिलौने
जन्मोत्सव के अवसर पर आगरा के 'ब्रज रसायन ग्रुप' की ओर से मेवा से बने 56 प्रकार के पकवान, पाग और कतली तैयार कराई जा रही है। वहीं, 5 सितंबर को नंदोत्सव के दिन श्रद्धालुओं के लिए राजस्थान के जोधपुर और उदयपुर से चांदी के लाखों रुपये के खिलौने मंगाए गए हैं, जिन्हें भक्तों में लुटाया जाएगा। यह सेवा लक्ष्मी गोपाल हेल्थकेयर सादाबाद द्वारा की जा रही है।
नंदोत्सव पर लुटाई जाएगी लाला की 'छीछी'
5 सितंबर की सुबह 10 से 12 बजे तक मंदिर में नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं पर लाला की 'छीछी' (दही, हल्दी और केसर का मिश्रण) लुटाई जाएगी। इसके लिए 100 किलो दही, केसर और हल्दी का विशेष प्रबंध किया गया है। मान्यता है कि लाला की छीछी का प्रसाद जिस भक्त पर पड़ता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं।
31 साल बाद मिला मंगला आरती का सौभाग्य
सेवायत डॉक्टर फ्रेंकी गोस्वामी ने भावुक होकर बताया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर वर्ष में केवल एक बार होने वाली बांकेबिहारी जी की मंगला आरती करने का अवसर उनके परिवार को 31 साल बाद मिला है। इससे पहले 1995 में जब वे 9 वर्ष के थे, तब उन्हें यह अवसर मिला था। अब तीन दशकों के लंबे इंतजार के बाद परिवार के आरव कृष्ण, अनाया, पार्थ और वर्तिका गोस्वामी सहित पूरा परिवार इस दिव्य क्षण को लेकर बेहद उत्साहित है।



