अवैध कॉलोनाइजरों पर MVDA का 'बुलडोजर एक्शन': नोटिस के बाद सीधे ध्वस्तीकरण, 373 करोड़ की जमीन पर कार्रवाई
मथुरा। अवैध कॉलोनियां काटकर लोगों को प्लॉट बेचने वालों पर मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) ने शिकंजा पूरी तरह कस दिया है। अब नोटिस जारी होने के बाद मामलों को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय, विधिक सुनवाई की प्रक्रिया तेजी से पूरी कर सीधे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने अभियंताओं को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अनधिकृत कॉलोनियों और अवैध निर्माणों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
12-14 महीनों में 63 अनधिकृत कॉलोनियां ध्वस्त प्राधिकरण की समीक्षा बैठक के दौरान सचिव आशीष कुमार सिंह ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि बीते 12 से 14 महीनों के दौरान प्राधिकरण ने 75 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैली 63 अनधिकृत कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया है। इन जमीनों की कुल अनुमानित लागत लगभग 373.15 करोड़ रुपये है।
2025 की तुलना में 2026 में कार्रवाई ने पकड़ी रफ्तार रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार:
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अप्रैल से नवंबर 2025: इस अवधि में 33.04 हेक्टेयर में विकसित की जा रही 24 अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया, जिनकी अनुमानित भूमि लागत 164.20 करोड़ रुपये थी।
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वर्ष 2026 (7 माह): वर्ष 2026 में महज सात महीनों के भीतर 41.99 हेक्टेयर में फैली 39 कॉलोनियों पर कार्रवाई की गई, जिनकी लागत करीब 209.95 करोड़ रुपये आंकी गई।
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62.50% की बढ़ोतरी: वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 में अब तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई में 62.50 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
बिना स्वीकृति लेआउट वाली जमीनों में निवेश न करें MVDA उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने अधिकारियों को सख्त र्देश दिए कि नए निर्माणों पर लगातार नजर रखी जाए और अनधिकृत निर्माण की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई हो। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे प्राधिकरण से नक्शा और लेआउट स्वीकृत कराए बिना विकसित की जा रही कॉलोनियों में जमीन या प्लॉट न खरीदें। इस अभियान का उद्देश्य शहर के अनियोजित विकास पर रोक लगाने के साथ-साथ आम नागरिकों को अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई जोखिम में डालने से बचाना भी है।
373 करोड़ की जमीन पर चला बुलडोजर
मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण ने करीब एक वर्ष में 75 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है। इन जमीनों की अनुमानित लागत करीब 373.15 करोड़ रुपये बताई गई है। कार्रवाई की रफ्तार पिछले छह माह में और बढ़ी है। नोटिस के बाद अब लंबा इंतजार नहीं किया जा रहा है। पिछले छह माह में कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज किया गया है। नोटिस जारी होने के बाद विधिक सुनवाई तत्काल कराई जा रही है। सुनवाई पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए जा रहे हैं और आदेशों पर तत्काल अमल करते हुए मौके पर संबंधित अनाधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त किया जा रहा है।



